सतनाम सिंह संधू का जन्म 1969 में पंजाब के तरनतारन ज़िले के चीमा गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनके पिता पीपल सिंह और माता कश्मीर कौर ने बचपन से ही उनमें मेहनत, ईमानदारी और आत्मविश्वास जैसे मूल्यों की नींव रखी। वहीं उनके दादा, जो एक स्वतंत्रता सेनानी थे, ने उन्हें साहस, दृढ़ता और देशसेवा की भावना से प्रेरित किया।
साधारण परिवेश में पले-बढ़े सतनाम सिंह संधू ने पंजाब के फिरोजपुर क्षेत्र में अपना बचपन बिताया। उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा के अवसर सीमित थे, लेकिन उन्होंने इन परिस्थितियों को कभी अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया। पढ़ाई के साथ-साथ वे खेतों में अपने पिता का हाथ भी बंटाते थे, जिसने उन्हें मेहनत का महत्व और अपनी मिट्टी से गहरा जुड़ाव सिखाया।
उन्होंने मक्खू (फिरोजपुर) से मैट्रिक की शिक्षा पूरी की और इसके बाद गुरु नानक कॉलेज, मोगा से स्नातक की पढ़ाई की। सीमित संसाधनों और शुरुआती चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने अपने संकल्प, अनुशासन और मेहनत के बल पर वह मजबूत आधार तैयार किया, जिसने आगे चलकर उनके जीवन की दिशा तय की।
21 जून 1995 को उन्होंने दमनदीप कौर के साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। बाद में इस दंपति को दो पुत्रों—दीप इंदर सिंह संधू और जय इंदर सिंह संधू—का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।
फाउंडर चेयरमैन के रूप में उन्होंने चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेज़, लांडरां (मोहाली) की स्थापना की। इसी के साथ शिक्षा क्षेत्र में उनकी औपचारिक शुरुआत हुई और उच्च शिक्षा में बदलाव लाने की उनकी यात्रा शुरू हुई।
पंजाब स्टेट लेजिस्लेचर के एक्ट (पंजाब एक्ट नंबर 35, 2012) के तहत चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की स्थापना की, जिसका उद्देश्य भारत में विश्व-स्तरीय शिक्षा प्रदान करना और नवाचार को बढ़ावा देना था।
उत्तर प्रदेश में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की स्थापना की, जो भारत की पहली AI-ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी है। इससे संस्थान की राष्ट्रीय स्तर पर पहुँच और प्रभाव और अधिक विस्तृत हुआ।
एडमिनिस्ट्रेटर एडवाइजरी काउंसिल, यूनियन टेरिटरी चंडीगढ़ के सदस्य के रूप में नियुक्त हुए (कार्यकाल: 1 जनवरी 2023–31 दिसंबर 2024)। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संबंधी स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन के रूप में भी कार्य किया।
भारत की G20 प्रेसीडेंसी के दौरान थिंक20 (T20) कोर ग्रुप के सदस्य के रूप में नियुक्त हुए।
एडमिनिस्ट्रेटर एडवाइजरी काउंसिल, यूनियन टेरिटरी चंडीगढ़ के सदस्य के रूप में नियुक्त हुए (कार्यकाल: 1 जनवरी 2023–31 दिसंबर 2024)। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संबंधी स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन के रूप में भी कार्य किया।
भारत की G20 प्रेसीडेंसी के दौरान थिंक20 (T20) कोर ग्रुप के सदस्य के रूप में नियुक्त हुए।
राज्यसभा के के सदस्य (मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट) के रूप में शपथ ली।
ऑपरेशन सिंदूर आउटरीच पर ऑल-पार्टी पार्लियामेंट्री डेलीगेशन के मेंबर के तौर पर अपॉइंट हुए; पहलगाम टेरर अटैक (22 अप्रैल, 2025) पर भारत के रिस्पॉन्स और क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी पर ब्रीफ करने के लिए सऊदी अरब (27–29 मई), कुवैत, बहरीन और अल्जीरिया गए।
Nominated to the Rajya Sabha by Hon’ble President Droupadi Murmu.
Took oath as Member of Parliament, Rajya Sabha.
Joined the Bharatiya Janata Party (BJP) and became an active member of the party.
Appointed as Member of the Department-Related Parliamentary Standing Committee on Education, Women, Children, Youth and Sports.
Reappointed as member of the reconstituted Administrator’s Advisory Council, Union Territory Chandigarh
Appointed as Chairman of the Standing Committee on Law and Order under the Administrator’s Advisory Council.
Appointed as a member of the Parliamentary Committee on External Affairs
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की प्रतिक्रिया और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ देश की ज़ीरो-टॉलरेंस नीति पर वैश्विक स्तर पर जानकारी साझा करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर आउटरीच के तहत ऑल-पार्टी संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में नियुक्त हुए। इस दौरान उन्होंने सऊदी अरब (27–29 मई), कुवैत, बहरीन और अल्जीरिया का दौरा किया।
सामाजिक सेवा और जनकल्याण
मार्च
2022
चंडीगढ़ वेलफेयर ट्रस्ट की स्थापना की गई, जो एक नॉट-फॉर-प्रॉफिट संस्था है। यह UN सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDGs) के अनुसार शहर के विकास और भलाई के लिए समर्पित है। इसका फोकस शिक्षा, जेंडर इक्वालिटी, हेल्थ और वेल-बीइंग, इकोनॉमिक ग्रोथ, शांति और न्याय और क्लाइमेट एक्शन पर है।
अप्रैल
2022
एनआईडी फाउंडेशन की स्थापना की, जिसका उद्देश्य एक सशक्त और सुदृढ़ भारत के निर्माण के लिए ज्ञान व विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के बीच साझेदारी मजबूत करना और सकारात्मक बदलाव को गति देना है।
मार्च
2023
इंडियन माइनॉरिटीज़ फेडरेशन की स्थापना की, जिसका उद्देश्य सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना और देश-विदेश में बसे भारत के अल्पसंख्यक समुदायों को विकसित भारत के निर्माण के लिए एक साझा राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।